• अंतिम अपडेट किया गया: Nov 28 2020 12:23PM

जी एन रामाचंद्रन गोल्ड मेडल


जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍टता हेतु जी. एन. रामाचंद्रन गोल्‍ड मेडल प्रदान किए जाने संबंधी विनियम

1. प्रस्तावना

(क) इस पुरस्‍कार का नाम प्रो. जी.एन. रामाचंद्रन के नाम पर रखा गया है और इसे “जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍टता हेतु जी.एन. रामाचंद्रन गोल्‍ड मेडल” के नाम से जाना जाता है।

(ख) यह पुरस्‍कार प्रति वर्ष जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍ट योगदान हेतु प्रदान किया जाता है।

2. पुरस्‍कार की प्रकृति

सीएसआईआर के स्‍थापना दिवस अर्थात 26 सितम्‍बर को पुरस्‍कार प्राप्‍तकर्ता को एक गोल्‍ड मेडल और एक प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। यह मेडल जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अन्‍तर्विषयी विषय/क्षेत्र में उल्‍लेखनीय एवं उत्‍कृष्‍ट अनुप्रयुक्‍त अथवा मूल अनुसंधान हेतु प्रदान किया जाता है।

 

3. उद्देश्‍य

जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍ट कार्य को मान्‍यता प्रदान करना।

 

4. पात्रता 

(क) जैव‍ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में अनुसंधानरत कोई भी भारतीय नागरिक / प्रवासी भारतीय नागरिक (ओ.सी.आई)और भारतीय मूल के व्‍यक्ति (पीआईओ) जो भारत में कार्यरत हो, वो भी इसके लिए सक्षम हैं।

(ख) यह पुरस्‍कार उस व्‍यक्ति को प्रदान किया जाएगा जिसने सीएसआईआर द्वारा मूल अथवा अनुप्रयुक्‍त, अपनी विशेषज्ञता के विशिष्‍ट कार्य क्षेत्र में विशेष तौर पर महत्‍वपूर्ण और उत्‍कृष्‍ट योगदान दिया हो।

(ग) इस पुरस्‍कार के वर्ष से पूर्व दस वर्षों के दौरान मुख्‍यत: भारत में किए गए कार्य के माध्‍यम से दिए गए योगदानों के आधार पर यह पुरस्‍कार प्रदान किया जाएगा। यहाँ 'मुख्यत:' से तात्पर्य 'अधिकांश ' से है ।

5. पुरस्‍कार

यह  पुरस्‍कार प्रतिवर्ष सलाहकार समिति की सिफारिशों पर सीएसआईआर की शासी निकाय द्वारा अनुमोदन से प्रदान किया जाएगा।


6. सलाहकार समिति

(क) इस पुरस्‍कार के लिए प्रति वर्ष सलाहकार समिति का गठन सीएसआईआर के महानिदेशक द्वारा  किया जाता है । इस समिति में व्यापक क्षेत्रो के अधिकतम सात विशेषज्ञ सदस्‍य होते है ।

(ख) हर वर्ष  नामांकन प्राप्‍त होने पर सीएसआईआर,  प्रत्येक अभ्यर्थी  के कार्य और उपलब्धियों के विस्‍तृत विवरण के साथ ,सभी नामितियों की सूची सलाहकार समिति के सभी सदस्‍यों को भेजेगा ।

(ग) जी एन रामाचंद्रन पुरस्‍कार दिए जाने हेतु पात्र अभ्यर्थी का चयन करने के लिए अध्‍यक्ष के परामर्श से सीएसआईआर द्वारा समिति की बैठक का संयोजन किया जाएगा और अनुमोदन हेतु  समिति की सिफारिशें महानिदेशक सीएसआईआर के पास भेजी जाएंगी।

(घ) सलाहकार समिति का गठन, उनकी संवीक्षा के लिए प्रस्‍तुत की गई सूचना, बैठक की कार्यवाही और नामांकन पर विचार हेतु प्रक्रिया को यहां दिए गए विवरण के अन्‍यथा,  गोपनीय रखा जायेगा ।   

7. नामांकन

(क) अभ्‍यर्थियों के नाम का प्रस्‍ताव सीएसआईआर के शासी निकाय के सदस्‍य अखिल भारतीय स्‍तर की अकादमियों के अध्‍यक्ष, भारतीय विश्‍वविद्यालयों, समविश्‍वविद्यालयों और राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थानों के कुलपति, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (आईआईटी) के निदेशक, प्रमुख आर एण्‍ड डी संगठनों जैसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्‍द्र, टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्‍थान के निदेशक, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग इत्‍यादि के सचिव, योजना आयोग में प्रभारी सदस्‍य (विज्ञान) और पूर्व जी एन आर गोल्‍ड मेडल प्राप्‍तकर्ता कर सकते हैं।

विश्‍वविद्यालय संकाय केवल अपने संस्‍थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों के नाम की ही  सिफारिश कर सकते हैं और नामांकन संबंधित कुलपतियों के माध्‍यम से भेज सकते हैं, जबकि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों के संकाय अपने नामांकनों को अपने निदेशक के माध्‍यम से भेज सकते हैं। अनुसंधान और आर एण्‍ड डी संगठनों के महानिदेशक एवं आयोगों के अध्‍यक्ष अपने-अपने संगठनों में कार्यरत वैज्ञानिकों के नाम प्रायोजित कर सकते हैं।  सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के निदेशक अपनी अभिरुचि के कार्य क्षेत्र में किसी भी अभ्‍यर्थी को नामांकित कर सकते हैं चाहे वे सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में  कार्यरत हों अथवा अन्‍य दूसरे स्‍थान में जी एन आर गोल्‍ड मेडल प्राप्‍तकर्ता प्रति वर्ष पुरस्‍कार हेतु केवल एक व्‍यक्ति का नामांकन भेज सकते हैं। अन्‍य व्‍यक्तियों द्वारा स्‍वयं अपना नाम अथवा अन्‍य किसी का नाम भेजे जाने पर उसे स्‍वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्‍येक नामांकन के साथ नामिती के कार्य और उपलब्धियों का विस्‍तृत विवरण तथा पुरस्‍कार वर्ष से पूर्व के 10 वर्षों के दौरान नामिती के उल्‍लेखनीय अनुसंधान एवं विकास योगदानों के महत्‍व पर प्रकाश डालते हुए विवेचनात्‍मक मूल्‍यांकन रिपोर्ट (500 शब्‍दों तक में) भेजें।

(ख) एक बार नामांकित अभ्‍यर्थी के सक्षम होने पर, कुल तीन वर्ष तक विचार किया जाएगा। ऐसे नामांकन  के  एक बार प्राप्‍त होने पर सीएसआईआर, आवश्‍यकता होने पर, किसी अन्‍य सूचना हेतु सीधे नामांकक से सम्‍पर्क कर सकता है।

(ग) नामांकन , निर्धारित प्रपत्र (मूल प्रति ) को वैज्ञानिक प्रभारी , एसएसबी ,वाईएसए यूनिट , मानव संसाधन विकास (एचआरडीजी) समूह , सीएसआईआर काम्प्लेक्स , लाइब्रेरी एवेन्यू,पूसा नई दिल्ली 110 012 के पते पर 31 मई तक भेजे | नामिती की डिजिटल फोटोग्राफ (जेपीजी में ), विधिवत  भरे गए प्रोफोर्मा की सॉफ्ट कॉपी (एमएस-वार्ड में ) और महत्वपूर्ण प्रकाशनों की सॉफ्ट कॉपी (पीडीएफ में ) की सिंगल सीडी/डीवीडी/पेन ड्राइव को भी भेजे |
जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍टता हेतु जी एन रामचन्‍द्रन गोल्‍ड मेडल का विवरण और नामांकन हेतु निर्धारित प्रपत्र उपर्युक्‍त पते से प्राप्‍त अथवा हमारी वेबसाइट : https://www.csirhrdg.res.in  से डाउनलोड किया जा सकता है।

 

8. प्रदत्‍तीकरण

(क) सीएसआईआर के  स्‍थापना दिवस अर्थात 26 सितम्‍बर को यह पुरस्‍कार प्रदान किया जाएगा।
(ख) जैव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्‍कृष्‍टता हेतु जी एन रामचन्‍द्रन गोल्‍ड मेडल प्रदान किए जाने के सभी मामलों में सीएसआईआर का निर्णय अंतिम होगा।

किसी भी संशय या स्पष्टीकरण के मामले में केवल अंग्रेजी संस्करण को संदर्भित किया जायेगा |